कुंवर हर्ष वर्धन सिंह, राणापुर
राणापुर नगर के श्रीकृष्ण उद्यान में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव के पांचवें दिन श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता का अनुपम दृश्य देखने को मिला। पूज्य संत स्वामी सत्य प्रकाश जी महाराज के ओजस्वी एवं भावप्रवण प्रवचन ने कथा पंडाल को भक्ति रस से सराबोर कर दिया।
कथा के दौरान स्वामी जी ने सीताराम विवाह एवं चारों भाइयों—श्रीराम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न—के विवाह प्रसंग का अत्यंत सुंदर, जीवंत एवं हृदयस्पर्शी वर्णन किया। जनकपुर में आयोजित दिव्य स्वयंवर का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष भंग करना केवल शारीरिक सामर्थ्य नहीं, बल्कि मर्यादा, संयम और धर्म की विजय का प्रतीक है। धनुष भंग होते ही पूरा कथा पंडाल “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा।
