मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ बैंक ग्राहकों को बैंकों के चक्कर न लगा ने पड़ें तथा जरूरत पड़ने पर कहीं भी नगद धनराशि प्राप्त हो जाए इसके लिए शहरों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ए.टी.एम स्थापित किए गए हैं, जिनका संचालन बैंकों द्वारा निजी संचालकों को दिया जाता है , आम्बुआ में भी स्टेट बैंक का एक ए .टी.एम वर्षों पूर्व लगाया गया था, जोकि रख रखाव के अभाव में अक्सर नगदी की समस्या से जूझता रहता है कई बार पैसों की कमी बनी रही है, इसी के यहां पर गार्ड आदि नहीं होने से सफाई व्यवस्था भी नहीं है जिस कारण कमरे में कागज पर्चियां आदि बिखरी पड़ी हुई है,जिस कारण गंदगी पसरी पड़ी है,जिसे साफ कौन करेगा? यह प्रश्न खड़ा है। Post navigation फिर बिगड़ा मौसम किसानों की जान हलक में, फसलें काटने में जुटे खबर का असर : एटीएम में पसरी गंदगी साफ की गई