भूपेंद्र नायक, पिटोल

आरोप है कि बालिकाओ से  पिटोल के कन्या हायर सेकेंडरी प्रभारी प्राचार्य पीयूष पटेल द्वारा आए दिन अभद्र व्यवहार किया जाता है। इस मामले ने सोमवार को तूल पकड़ लिया। दरअसल, चौकी प्रभारी पल्लवी भाबर स्कूल में रूटीन चेकिंग पर पहुंची थी तभी विद्यार्थियों ने प्राचार्य सहित शिक्षिका की शिकायत कर दी। 

छात्राओं की माने तो लंबे समय से उनके साथ ठीक से व्यवहावर नहीं किया जा रहा है। जिसकी शिकायत बालिकाएं अपने माता-पिता से करती है। माता-पिता की विनती के बाद भी कन्या हायर सेकेंडरी के प्रभारी प्राचार्य पीयूष पटेल ने अपने व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं किया। इस बीच सोमवार को जनप्रतिनिधियों के साथ पिटोल पुलिस चौकी प्रभारी पल्लवी  भाबर स्कूल पहुंची। तब मौके पर जाकर जनप्रतिनिधियों के साथ चौकी प्रभारी ने पाया कि कक्षा 11वीं 12वीं एवं की छात्राओं के साथ प्रभारी प्राचार्य पटेल का तानाशाह रवैया के साथ बच्चों के साथ प्रश्न उत्तर पूछने पर अभद्र व्यवहार किया जाता है। बच्चों को फेल करने की धमकी दी जाती है तथा पटेल साहब स्कूल में आना-जाना भी अपनी मर्जी से करते अप डाउन करते हैं। इसकी शिकायत मौखिक रूप से एवं लिखित रूप से भी जनजाति विभाग के पास दी गई थी परंतु विभाग द्वारा पिटोल प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना प्रश्नचिन्ह है। वही बालक है सेकेंडरी स्कूल  के प्राचार्य रामचंद्र मालवीय 15 दिन में कभी न क्यों उपस्तिथि दर्ज कर अपने कार्य की इतिश्री का लेते हैं उनके खिलाफ ना शिक्षक बोलने को तैयार है ना बच्चे सभी डरते हैं बाला खैर सेकेंडरी की शिक्षिका द्वारा शिक्षको  एवं बच्चों से भी अभद्र भाषा का उपयोग किया कर दुर्व्यवहार किया जा रहा है। शिक्षिका से बच्चे एवं डरे हुए हैं पर दबी जबान में शिक्षक भी कहीं नहीं कहीं उसके व्यवहार से डर रहे हैं ऐसे में विभाग को चाहिए कि इस गंभीर विषय की जांच कर कर तत्काल पिटोल से इनको हटा देना चाहिए पिटोल बालक हायर सेकेंडरी के प्राचार्य के रवेये से पिटोल स्कूल का परीक्षा परिणाम नगर नहीं रहा है।

बालिकाओ को नहीं मिली साइकल

शिकायत के बाद कन्या हायर  सेकेंडरी स्कूल में अभद्रता के मामले की सूचना पर जिला मुख्यालय से महिला सेल अधिकारी वर्षा सोलंकी भी बालिका एवं बालाक हायर सेकेंडरी स्कूल पहुंचकर बालिकाओ एवं बालको   शिक्षकों से भी चर्चा की। बच्चों को अपने उज्जवल भविष्य बनाने के लिए प्रेरणा दी और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर चौकी प्रभारी को सूचना देने काे कहा। वहीं प्रभारी प्राचार्य  पटेल से साइकल नही मिलने की बात कही तब प्राचार्य द्वारा कहा गया कि बालिकाओं के खाते में रुपया आ गया है परंतु बालिकाओं द्वारा यह कहा गया कि हमारे खाते में अभी तक कोई रुपया नहीं आया है। इसके चलते बालिकाएं 5 किलोमीटर दूर से रोजाना बसों जीपो में लटककर अपना अपनी पढ़ाई के लिए पिटोल आती है। बालिकाओं को  शिक्षको द्वारा गाइड से पढ़ाने की बात कही गई एवं नई किताब की जगह पुरानी किताब भी वितरण है पिटोल के स्कूलों की स्थिति दयनीय है। शिक्षा का स्तर दिन प्रतिदिन गिर रहा है विभाग को संज्ञान में लेकर  ध्यान देना चाहिए  समस्याओं को समाधान करना चाहिए। पुलिस विभाग के अधिकारी के साथ जनपद में मंडल अध्यक्ष दिनेश मेवाड़, जनपद सदस्य प्रियल मेड़ा,  जनपद सदस्य पेमा भबोर, गोरे भिमफलिया, सरपंच बलवंत मेडा, कमल बबेरिया, पिटोल उपसरपंच किशन नगर के साथ कई जनप्रतिनिधि शामिल थे।

मामले से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया है

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार रोजाना स्कूल लगने और छूटने पर असामाजिक तत्वों को रोकने के लिए भ्रमण पर जाती हूं, तब बच्चियों द्वारा मुझे बताया कि प्राचार्य का व्यवहार हमारे प्रति ठीक नहीं है। इस वरिष्ठ अधिकारियो अवगत करा दिया है।

पल्लवी भाबर, चौकी प्रभारी, पिटोल

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