बुरहान बंगड़वाला, खरडू बड़ी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने भांजे भांजीयो के लिए चाहे जितने बड़े सुविधाएं प्रदान करने के लिए घोषणा करे लेकिन जमीनी हकीकत कुछ ओर ही बया करती है जैसे कि स्कूलों में वर्ष 2023-24 के नये सत्र की शुरुआत 1 जुलाई से हो गई है स्कूलों में अब पढ़ाई के साथ साथ अन्य गतिविधियां भी शामिल होगी लेकिन रामा ब्लॉक के गांव खरडू बड़ी की प्रायमरी से मीडिल के बच्चों को वर्ष 2022 -23 की पूर्व की गणवेश छात्र छात्राओं को अब तक नहीं मिली है । 1 जुलाई से लगे नए सत्र में भी बच्चे रंग-बिरंगे कपड़ों को ही पहनकर स्कूल आ रहे हैं ।इससे शासन के बच्चों में एकरूपता के नियमों की धज्जियां खुलेआम उड़ती हुई दिखाई दे रही है हमने स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं बच्चों के हालात देखे तो पता चला कि यहां की स्कूल में पूर्व में बीते सत्र में भी बच्चें बिना गणवेश के सत्र निकल गए हैं अब नए सत्र में भी करीब 600 से 700 बच्चों को गणवेश का इंतजार है? परंतु उसमे एक बडी विसंगति सामने आएगी कि जिस विद्यार्थी ने बीते वर्ष जिस कक्षा की पढ़ाई की है वह अगले कक्षा में पहुंच गया है यानी आठवीं का विद्यार्थी नवमी में तो उसे गणवेश कैसे मिलेगी और मिलेगी तो वह गणवेश उसके काम आएगी या नहीं? अगर खरडू बड़ी के संकुल की बात करे तो करीब 2000 से 2100 बच्चें गणवेश से वंचित हैं।जिस ओर किसी भी आलाधिकारियों का ध्यान नहीं जा रहा है? झाबुआ जिले की सभी सरकारी संकुलों की प्रायमरी एवं मिडिल स्कूलों में बच्चों को गणवेश नहीं मिली है जिस ओर सरकार के साथ साथ अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है? कन्हैया लाल बामनिया जनशिक्षक ने बताया कि हमारी संकुल में करीब 2000 से 2100 बच्चे है जिनको पूर्व के 2021-22 से वर्ष 2022-23 के सत्र से गणवेश नहीं मिली है।इस बार पता चला है किसी समूह को दिया है तो इस सत्र में बच्चों को गणवेश मिल सकती है लेकिन अभी तक मिली नहीं है। प्रायमरी एवं मिडिल के बच्चों ने बताया कि पूर्व के वर्ष 2021-22 से वर्ष 2022-23 वर्ष भी हमको स्कूल से गणवेश नहीं मिली और इस वर्ष भी अभी तक नया सत्र चालू हो गया है लेकिन गणवेश नहीं मिली। Post navigation गुरु पूर्णिमा पर पंचाल समाज द्वारा सेवानिवृत्त शिक्षक का अभिनंदन पत्र देकर किया समान होम्योपैथ रोग प्रतिरोधक औषधि मलेरिया ऑफ की दवाई बच्चों को खिलाई जाएगी