मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ इस वर्ष मौसम जब तक खराब होता आ रहा है कभी तेज धूप कभी छांव कभी आसमान साफ तो कभी अचानक आसमान पर काले काले बादलों का डेरा तो आंधी तथा बादल बिजली की कड़क ऐसी कि लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर होना पड़े ऐसी स्थिति आज 22 अप्रैल को दोपहर में घटित हुई जब अचानक आसमान पर बादल छा गए तेज धूप तथा गर्मी से बेहाल लोगों को ठंडी हवा सहला रही थी कि तेज आंधी के साथ आसमान से बड़ी बड़ी बूंदों के शक्ल में वर्षा के साथ ही एक तेज कड़कदार बिजली चमकी जिसकी गर्जना के कारण घरों से बाहर खड़े लोग डर के मारे घरों में घुस गए । उधर पुराने पत्थर कारखाने के पास बन रहे कांपलेक्स के निर्माण में लगे मजदूर कारीगर उस समय जान बचाकर भागे जब आसमान से कड़कती हुई आग के लंबे भाले की तरह की बिजली उनके ऊपर से होकर सामने खड़े महुआ पेड़ पर गिरी जिसमें महुआ पेड़ बीच में से फट कर जमीन पर आ गिरा हालांकि बिजली गिरने के बाद अक्सर हरे भरे पेड़ों में भी आग जलती देखी जाती रही है मगर इस बार आग नहीं लगी शायद आकाशीय बिजली पेड़ से टकराती हुई जमीन में उतर जाने की संभावना व्यक्त की जा रही बिजली गिरते ही बारिश, आंधी, तूफान सब थम गया और मौसम साफ हो गया बिजली की चपटे में आते-आते बच्चे भवन निर्माण में लगे कारीगर तथा मजदूर अभी भी सहमे है। Post navigation जैन जिला अध्यक्ष तथा विश्वकर्मा जिला उपाध्यक्ष नियुक्त लगभग 9 साल बाद पुनः निर्मित हो रही दुकानों का कार्य पूर्णता की ओर