झाबुआ। केंद्र एवं राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन की लापरवाही से सिलिकोसिस से सैकड़ों ग्रामीण आज भी पीडि़त है। ग्रामीणों को गांवों में रोजगार नहीं मलने से उन्हें गुजरात एवं राजस्थान राज्यों के विभिन्न शहरों की ओर पलायन करना पड़ रहा है, वहां जाकर वे सीमेंट एवं अन्य जहरीली फैक्ट्रियों में कार्य कर तरह-तरह की बीमारियों का शिकार हो रहे है। यह आरोप जिला पंचायत एवं जिला कांग्रेस कार्यवाहक अध्यक्ष कलावती भूरिया ने लगाते हुए कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार में मनरेगा योजना पूरी तरह से फ्लॉप हो चुकी है। योजना में कहीं कार्य नहीं हो रहे है तो कहीं कार्य अधूरे पड़े है और ग्रामीणों को कार्य करने पर राशि का भुगतान नहीं हो पाया है। इसके साथ ही कपिल धारा कूप योजना एवं अन्य शासकीय योजनाओं में कार्य अधूरा होने एवं ग्रामीणों को मजदूरी करने पर भुगतान नहीं होने से उन्हें पलायन पर जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। भूरिया ने बताया कि वहां जाकर ग्रामीण कई तरह की दमा, अस्थमा, सांस संबंधी बीमारियां एवं मुख्य रूप से सिलिकोसिस जैसी खतरनाक बीमारी का शिकार हो रहे है। जिला प्रशासन की लापरवाही से ग्रामीणों का पलायन हो रहा है तो दूसरी तरफ जब वह कार्य करके पुन: लौट रहे है तो बीमार पडऩे पर उन्हें शासन तथा जिला प्रशासन की ओर से कोई मदद भी नहीं मिल रहीं है। सिलिकोसिस से सैकड़ों ग्रामीण पीडि़त है और कई अपनी जान गंवा चुके है। हाल ही में करड़ावद बड़ी के भगत फलिये में भी एक ग्रामीण युवक की इस बीमारी के चलते मृत्यु हो गई। भूरिया ने पीडि़त ग्रामीणों को आर्थिक सहायता देने की मांग प्रशासन से की है।
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