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मंगलवार को योमे आशूरा का पर्व मुस्लिम धर्मावलंबियों ने बड़ी अकीदत के साथ मनाया। इस मौके पर सोमवार रात को ताजिये अपने-अपने मुकाम पर लाए गए तथा इस दौरान शहीदे कर्बला की याद में नाते व कव्वाली बैंड की धुन पर पढ़ी गई। मंगलवार को ताजियों का जलसा जिस भी गली में जाता अगरबत्ती, फूलों व लोबान की खुशबू से गालियां महक जाती थी, जिममें न केवल मुस्लिमों ने ही नहीं बल्कि हिंदुओं ने भी ताजियों का निर्माण किया तथा अपने-अपने ताजिये पर तिरंगा झंड़ा लहराते हुए जलसे में शामिल हुए। ताजिये का जलसा पीर साहब गली, जामा मस्जिद, कुम्हार मोहल्ला राजापुरा होता हुआ गांधी चौक पहुंचा वहां पर जावरा कव्वाल पार्टी एवं लक्ष्मी बैंड के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक कलाम पेश किए। शहीदे कर्बला की याद में पढ़ी गई इन नातों व कव्वालियों से हर किसी की आंखें में नम हो गई। हर गली मोहल्ला में शहीदे कर्बला के नारों से गूंज उठा हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल देखने को मिली हिंदू समाज के लोगों ने भी ताजिए बनवाए एवं बड़ी अकीदत एवं मोहब्बत के साथ पूरे थांदला में जलसा। निकाला सभी समाज के लोगों ने ताजियों के सामने अपनी मन्नत पूरी की। शहीदे कर्बला सिर्फ मुसलमानों की रहनुमा बन कर नहीं आए थे पूरी दुनिया के रहनुमा बनकर आए थे क्योंकि उनके नाना हमारे आका पैगंबर-ए इस्लाम उन्हें ऐसी दुआ दी कि उनके दुश्मन कर्बला के मैदान में थे. आज पूरी दुनिया में इमाम हुसैन को मानने वाला एक भी दुश्मन नहीं है। ऐसी दुआ उनके नाना ने दी नाना के दुश्मन तो पूरी दुनिया में मिलेंगे लेकिन नवासे का दुश्मन पूरी दुनिया में नहीं मिलेगा। हर कोई देश कर रहा है शहीदे कर्बला मेरा है। वहीं अलसुबह करीब 4 बजे ताजियों को ठंडा किया गया। इस दौरान पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा, जिसमें एसडीओपी, टीआई कौशल्या चौहान व उनकी टीम ने बेहतर व्यवस्था को सुचारू करने के लिए अलसुबह 4 बजे तक मौजूद रहा, जिसका मुस्लिम समाज सदर कदरूद्दीन शेख, एडवोकेट सलीम खान, पत्रकार कादर शेख, मोइनुद्दीन सैयद, शकील रजा खान, , युवा नेता कमालुद्दीन शेख, अब्दुल वली पठान, जावेद खान, इमरान खान शाहिद खान, जमील खान, शाहिद जेनब, पार्षद आनंद चौहान, सुधीर भाबोर, लाला नागर पत्रकार मनोज उपाध्याय, राजेश डामोर, समकित बबलू आदि ने आभार माना।