जितेंद्र वाणी, नानपुर राठौड़ समाज सिलावद ने एक अनूठी पहल की है। जो समाज के लिए प्रेरणादायक और प्रशंसनीय हैl माताश्री की स्मृति में पुत्र ने अपनी सगाई रस्म में एक मिसाल कायम की है l राठौड़ समाज में चल रही प्रतिवर्ष पितृपक्ष (श्राद्ध पक्ष) में भागवतजी में पुत्र पीयूस राजेश (राजूजी) राठौड़ ग्राम सिलावद (अमनेरिय परिवार) एवं कृतिका (लाली) कमलेश राठौड़ (गुडवाडा परिवार ) नानपुर की सगाई रस्म में पिता राजेश (राजूजी) गिरधारीलालजी राठौड़ सिलावद के द्वारा अपनी माता स्व. रुकमणी बाई की स्मृति में 11000 रुपए (ग्यारह हजार रु) दिए। श्रीमद्भागवत समिति नानपुर को सगाई रस्म में श्री वीर दुर्गादासजी राठौड़ भागवत समिति नानपुर जिमें पितृपक्ष में प्रतिवर्ष होने वाली भागवत कथा के लिए यह 11 हजार रुपए दिए गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने समिति की आजीवन सदस्यता प्राप्त कर श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री वीर दुर्गादासजी राठौड़ भागवत समिति ने भी रुकमणी बाई को श्रद्धांजलि देते हुए प्रार्थना की। Post navigation चुनाव में जीतने का दावा करते हुए सरपंच ने फिजूल खर्च करने की बजाए पर्यावरण संरक्षण को चुना वाटरप्रूफ पंडाल में होगी शिव महापुराण कथा, पत्रिका का विमोचन