मयंक विश्वकर्मा@आम्बुआ समीपस्थ ग्राम बोरझाड़ में कौमी एकता की पहचान गौरी शाह बाबा का उर्स मनाया गया। मजार पर आज बाबा को फूल और चादर पेश कर आम्बुआ-बोरझाड़ सहित देश में अमन शांति की दुआ की गई। उर्स के जलसे में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल भी नजर आई। हिंदू तथा मुस्लिम दोनों समाज उर्स को उत्साह के साथ मनाते आ रहे हैं। कौमी एकता के प्रतीक हजरत गोरी शाह बाबा की मजार पर सभी धर्मों के लोग अपनी मुरादें पूरी करने हेतु आते हैं। वर्षों से यह सिलसिला चला आ रहा है। आज 12 मई को मस्जिद मोहल्ले से एक जुलूस डीजे के साथ निकला जो कस्बा आम्बुआ से होता हुआ बोरझाड़ स्थित दरगाह पहुंचा। जहां पर बाबा को गुलाब की माला, इत्र, लोबान आदि के साथ चादर चढ़ाई गई। यहां सभी ने एक स्वर में क्षेत्र सहित पूरे देश में अमन शांति कायम रहे ऐसी दुआ की। कार्यक्रम में मुस्लिम समाज के सदर चांद मोहम्मद मकरानी, मौलाना इरशाद रजा हाफिज, अमान पठान, साजिद शेख, शकील कुरैशी, शाहिद कुरैशी, सलीम खान, नवाब खान, असलम मकरानी, मजीद खां, मोहम्मद पठान, शब्बीर मोहम्मद आदि के साथ ही अलीराजपुर, जोबट ,आजाद नगर, उदयगढ़, नानपुर ,फाटा, चांदपुर, आमखुट, बरझर आदि अनेक स्थानों से बाबा के चाहने वाले शामिल हुए। Post navigation महेश पटेल का निष्कासन समाप्त होने से कांग्रेसियों में हर्ष चालक की लापरवाही से ट्रक प्रतीक्षालय के शेड में फंसा