मयंक विश्वकर्मा@आम्बुआ रमजान के पाक महीने के 30 रोजे पूर्ण होने के बाद मुस्लिम समाज ने ईदुल फितर का त्योहार सादगी के साथ मनाया। नमाज के बाद एक दूसरे को मुबारकबाद दी जाकर दिनभर दावतों का दौर चलता रहा। इस्लाम धर्म में रमजान माह का विशेष महत्व रहता है। वर्ष भर में एक बार एक माह का यह पाक महीना जिसमें महीने भर तक रोजे रखे जाते हैं। पूरे दिन बगैर कुछ खाए पीए रहकर खुदा की इबादत की जाती है। पाक कुरान का पाठ कर पांच समय नमाज अता की जाती है। इस वर्ष भी यह महीना तेज भीषण गर्मी का रहा ऐसी गर्मी में भी लोगों ने रोजे रखकर इबादत की। चांद दिखने के बाद आज 03/05/21 को सुबह लगभग 8-9 वर्ष बाद ईदगाह पर नमाज अता की गई कारण कि ईदगाह का स्थान जमात की संख्या के हिसाब से छोटा था। इस कारण नमाज मस्जिद में पढ़ी जाती रही मगर इस वर्ष ईदगाह पर विस्तार किया जाकर उसे सुसज्जित किया गया जिस पर जमात के मौलाना (पेश इमाम) जनाब इरशाद रजा हाफिज ने ईद की नमाज अता कराई। नमाज के बाद सभी ने एक दूसरे को गले मिलकर मुबारकबाद दी। हिंदू तथा बोहरा समाज ने भी मुस्लिम बंधुओं को ईद की मुबारकबाद पेश की। Post navigation थाना परिसर में शांति समिति की बैठक संपन्न अघोषित बिजली कटौती से उपभोक्ता परेशान