झाबुआ चौराहे का जाम, जामली रोड एकांकी मार्ग हो या फिर चौड़ीकरण इस विकल्प पर किया जाए विचार

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लवेश स्वर्णकार, रायपुरिया

रायपुरिया के मुख्य मार्ग पर प्रतिदिन जाम की स्थिति निर्मित होती हे रविवार बाजार वाले दिन यह समस्या चौगुनी हो जाती हे इसका परिणाम राहगीर भुगत रहा हे । जब ग्राम का कोई स्थानीय व्यक्ति इस जाम में फंसता हे तो कोसता हे ओर कहता हे कि यह रोज की झंझट हे लेकिन झंझट हमारे अपने ही पैदा कर रहे हे । झाबुआ चौराहे पर लगने वाले जाम की खबरों को रिपोर्टर कई सालों से उठा रहे हे लेकिन इसका स्थाई इंतजाम आज तक नहीं हो पाया हे। ओर जब तक इन दो वजह पर काम नहीं होगा इसका निदान भी नहीं होगा ।

क्यों लगता हे जाम ओर क्या होगा निदान

चौराहे पर लगने वाले जाम की पहली ओर ठोस वजह जामली जाने वाले मार्ग ओर इसका मोड है

दरअसल झाबुआ चौराहे से जामली का मार्ग जाता हे जामली जाने वाले मार्ग पर मोड हे मोड़ पर ठेले लग जाते तो बड़े वाहन को वाहन काटने में वाहन आगे पीछे करना पड़ते तो जाम लग जाता बड़ी वजह यह हे कि जामली मार्ग पर बने मकान सड़क सटकर बने हुए हे यहां स्थिति यह हे कि यहां सिंगल पट्टी मार्ग हे उज्जैन जाने वाले वाले वाहन यहां से गुजरते हे आमने सामने बड़े वाहन आ जाने से वाहन क्रॉस होने की जगह नहीं होती लिहाजा जब जब यहां बड़े वाहन आमने सामने होते तब तब जाम लगता हे इस जाम में वाहन की कतार झाबुआ रोड तक आ जाती हे जामली रोड पर आमने सामने फसने वाले वाहन की वजह से जाम झाबुआ चौराहे से होते हुआ तीनों मार्ग राजगढ़ मार्ग,पेटलावद मार्ग,झाबुआ मार्ग तक वाहनों की कतार के रूप में देखने को मिलता है। उस समय की जमीनी स्थिति यह बन जाती हे कि जब तक जामली रोड का यातयात क्लियर नहीं होगा उपरोक्त तीनों मार्ग पर जाम लग जाता ओर यह तब ही खुलता जब जामली रोड का जाम खुलता ।

इस स्थिति के दो निदान हे पहला इस जामली मार्ग को एकांकी मार्ग घोषित किया जाए या प्रशासन इसका चौड़ीकरण करवाए* अब आप सोच रहे होंगे इस मार्ग को एकांकी मार्ग घोषित कर दे तो दूसरी ओर से आने वाले वाहन कहा होकर गुजरेंगे तो उसका भी हल हमारी नजर में दिखता हे बस प्रशासन की नजर में यह आना जरूरी हे दरअसल दूसरी ओर का यातयात आवागमन पुरानी सोसायटी भवन के पास वाले पुराने मार्ग से किया सकता हे लेकिन इस मार्ग पर पक्की सड़क तथा पापवंती के नाले पर नवीन पुल बनाना होगा तब जाकर यह संभव हो पाएगा यदि यह संभव हुआ तो दूसरी ओर का यातायात निकाला जा सकता हे । जामली रोड से एक ओर का आवागमन ओर दूसरी ओर का पुराने सोसायटी भवन के पास वाले मार्ग से आवागमन । यह निदान ही झाबुआ चौराहे ओर जामली मार्ग जाम की समस्या को स्थाई रूप से हल कर सकता हे । यदि प्रशासन यह कर ले तो । दूसरा विकल्प प्रशासन वर्तमान जामली मार्ग का डबल पट्टी चौड़ीकरण करवाया जाए इसके लिए यहां बने मकानों को दोनों ओर से कम करना होगे जो इतनी आसानी से संभव नहीं हे। पहला विकल्प एकांकीकरण जो स्थाई ओर हमेशा के लिए सुलभ रहेगा। अन्यथा इन निदान के अभाव में सालों साल गुजर जाएंगे लेकिन रायपुरिया चौराहे की जाम की स्थिति यथावत ही रहने वाली है।

चौराहे या जामली मार्ग पर जाम की दूसरी बड़ी ओर ठोस वजह हे स्थानीय अनियमितता

दरअसल रायपुरिया में झाबुआ चौराहे से लेकर पुराने सोसायटी भवन तक या कहे कि पूरा मार्ग डबल पट्टी डामरीकरण मार्ग हे ओर सड़क के किनारे सफेद लाइन डाली हुई हे इस सफेद लाइन ओर मकान के बीच की जगह पर अनियमितता हावी हे दरअसल सड़क की सफेद लाइन के बाद जो जगह बचती हे वह जगह ही जाम का मुख्य मुद्दा भी हे सड़क के किनारे सफेद लाइन के बाहर कही कही मोटरसाइकिलों की पार्किंग हे तो कही अस्थाई दुकानें लग रही हे कही पर ठेले लग रहे हे तो कही स्वयं स्थानीय व्यापारी अपनी दुकान आगे लगा रहा कही कही तो सफेद लाइन को भी नहीं छोड़ा गया हे वहां तक दुकानें लगने दी जा रही है।

रायपुरिया में प्रतिदिन ओर जाम की स्थिति की पहली वजह आप हम सब मिलकर ही बना रहे अस्थाई दुकानें सड़क पर हे तो यातायात व्यस्था बिगड़ना ही हे। मोटरसाइकल सड़क पर हे तो यातायात व्यवस्था बिगड़नी ही हे अगर आप ओर हम सब यह अवस्था स्वयं नहीं सुधार सकते तो फिर यह जाम की अव्यस्था से परेशानी उठानी ही हे क्योंकि इस अव्यस्था का दोषी प्रशासन नहीं आप हम है।

समस्या तमाम हे हल भी कुछ पहल प्रशासन की हो तो कुछ आप ओर हम मिलकर पहल करे अन्यथा जाम का क्या हे वो फिर जाम ही रहेगा।

रायपुरिया की जनता नवागत कलेक्टर डॉ योगेश तुकाराम भरसट से मांग करती है कि वह रायपुरिया पहुंचकर वर्षों पुरानी जाम की समस्या का निदान करने का प्रयास करेंगे।

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