पारा। पारा मंडल में प्रातः 10:00 बजे से आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन नगर में भव्यता, दिव्यता और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत श्रीराम मंदिर से भव्य शोभायात्रा के साथ हुई, जो राजेंद्र चौक,होली चौक होते हुए हायर सेकेंडरी स्कूल स्थित धर्मसभा स्थल पर पहुंची। शोभायात्रा में घोड़े पर भगवा ध्वज लेकर साथ जनजातीय नृत्य टोली में हिंदुत्व का प्रचम लहराता हुआ स्वरूप देखने को मिला। इस विराट आयोजन में मंडल के समस्त ग्रामीणजन, महिलाएं, युवतियां, युवा, वृद्धजन सहित हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और हिंदू संगम को सशक्त रूप प्रदान किया।

धर्मसभा मंच से अतिथियों का परिचय कराते हुए प्रमुख वक्ताओं ने ओजस्वी उद्बोधन दिए—स्वामी श्री भारतानंद सरस्वती जी महाराज (सन्यासी, महासचिव – अखिल भारतीय संत समिति, महाराष्ट्र | संस्थापक – भारत भक्ति आश्रम) ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिंदुत्व कोई संकीर्ण धर्म नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन एवं सार्वभौमिक जीवन पद्धति है, जो विश्व कल्याण का मार्ग दिखाती है। उन्होंने कहा कि आज समाज को भ्रमित करने वाली वामपंथी विचारधाराओं के विरुद्ध सजग, विवेकशील और आत्मबोध से युक्त उत्तर देने की आवश्यकता है।
परमपूज्य संत श्री कानूराम महाराज (झाबुआ, अलीराजपुर, रतलाम व धार अंचल में धर्म जागरण हेतु सक्रिय) तथा परमपूज्य संत श्री कानू जी महाराज ने कहा कि जो व्यक्ति धरती माता की सेवा करता है, गौ माता, सूर्य, चंद्र, जल और वृक्षों की पूजा करता है — वही हिंदू है। उन्होंने हिंदुत्व को प्रकृति, संस्कृति और करुणा से जुड़ा जीवन दर्शन बताया।
