दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के पास की जमीन उद्योगों को देने का विरोध, ग्रामीणों ने कहा- उद्योग नहीं खेती चाहिए

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परवलिया/थांदला। भारत माला परियोजना दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे के समीप ग्राम पंचायत खान्दन में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग को आवंटित भूमि हेतु जारी विज्ञप्ति को रद्द करने हेतु ग्रामीणों ने सरपंच कान्हा गणावा के नेतृत्व में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व थांदला महेन्द्र मंडलोई को कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम खांदन में स्थित शासकीय नजूल भूमि का औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग को आवंटित करने पर आपत्ति दर्ज कर आवंटन रदद करने तथा डिनोटिफाईड करने की मांग की गई। साथ ही बताया कि शासकीय एवं नजूल भूमि सर्वे नं. 186/2 रकबा 6.840 हेक्टर, 186/3 रकबा 4.700 हेक्टर, सर्वे नं. 187 रकबा 0.060 हेक्टर, सर्वे नं. 188 27.140 हेक्टर, सर्वे नं. 192 रकबा 1.310 हेक्टर, सर्वे नं. 229 रकबा 3.040 हेक्टर, सर्वे नं. 230 रकबा 1.110 हेक्टर, सर्वे नं. 231 रकबा 0.390 हेक्टर, सर्वे नं. 232 रकबा 1.000 हेक्टर, सर्वे नं.233 रकबा 1.860 हेक्टर जो की मध्य प्रदेश शासन के नाम से दर्ज है।

किन्तु उक्त भूमि पर वर्षों से ग्रामवासी काबिज होकर खेती करते चले आ रहे है कूछ भूमि गौचर के रूप में तथा घास बीड के रूप में ग्राम के मवेशीयों के लिये उपयोग होती चली आ रही है। उक्त सर्वे नम्बरों में करीब 24 परिवार निवासरत होकर 24 मकान बने हुए है ।

यह कि म.प्र शासन को उक्त भूमि पर काबिज किसानों को नियमानुसार कृषि पटटा प्रदान किया जाना था लेकिन आज तक नही किया गया है जबकी वर्षों से पीढीदर पीढी तरिके से ग्रामवासी आदिवासीगण परम्परागत रूप से इस जमीन पर काबीज है खेती करते चले आ रहे है।

यह कि उक्त सर्वे नम्बरों की भूमि को सार्वजनिक विज्ञप्ति प्रकाशित कर औधोगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग को अंतरित की जा रही है जिससे हम समस्त ग्रामवासीयों को आपत्ति है। क्योंकी उक्त भूमि औधोगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग को अंतरित हो जाने पर ग्रामवासीयों से उक्त जमीन छिन ली जावेंगी।

पैसा एक्ट तहत भी ग्रामवासी उक्त भूमि औधोगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन अर्न्तगत आवंटित करवाना नही चाहते है। हम हमारे गाँव में किसी भी प्रकार का कोई उघोग लगवाना नही चाहता है क्योंकी हम कृषि आधारित जीवन निर्वाहन करते है वनोपत पर आश्रित होकर परम्परागत खेती करते है। जिससे गांव में कोताहल होगा हमारी पारम्परिक रिती प्रभावित होगी। साथ है उघोग लगने से गाँव के जलाशय दूषित होगें व प्रदूषण भी फैलेगा ।

भूमि आवंटन हेतु जिला कलेक्टर से उक्त आवंटित उपरोक्त वर्णित शासकीय भूमि को औधोगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन के अर्न्तगत आवंटन पर रोक लगाई जावें तथा किया जाने वाला ऐसा आवंटन रदद किया किये जाने की मांग ग्रामवासियों ने की। ज्ञापन का वाचन मुकेश मुणिया ने किया। ज्ञापन कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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